एडीआर के रिर्पोंट ने खोले बिहार में अपराधों के पोल - BiharDailyNow
   Breaking News

एडीआर के रिर्पोंट ने खोले बिहार में अपराधों के पोल

बिहार में अपराधों का आंकडा किसी से छिपा हुआ नहीं है। अपराध के चाहे कैसे भी मामले हो बिहार उस सूची में आपको नजर आ जाएगा। यह अपराध बढ़ते ही जा रहें है और बढ़े भी क्यों न जब सरकार को चलाने वाले हाथ ही अपराधों से रंगे हुए हो तो, सोच लीजिए व्यवस्था ​कैसी होगी। नेशनल काईम ब्यूरों के ताजा आं​कडेे तो बिहार में बढ़ते अपराधों के कई राज खोलती ही है। वहीं अगर हम 2010 और 2015 के बिहार विधान सभा चुनाव के एडीआर की रिर्पोट पर नजर डाले तो यह आंकडे शायद आपको जागरूक मतदाता बना सकती है और आप अपने मत का सही प्रयोग कर सकते है।

एडीआर है क्या :

एडीआर का का मतलब है एसो​सिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉम्र्स। एडीआर एक भारतीय गैर-पक्षपातपूर्ण, गैर-सरकारी संगठन है जो चुनावी और राजनीतिक सुधारों के क्षेत्र में काम करता है। नेशनल इलेक्शन वॉच (NEW) के साथ, ADR भारतीय राजनीति में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने और चुनावों में धन और शक्ति के प्रभाव को कम करने का प्रयास कर रहा है।

क्या है बिहार विधानसभा चुनाव के 2010 और 2015 के एडीआर के रिर्पोट में:

2010 में कुल 35 प्रतिशत कैंडिडेेट ने अपने उपर क्रिमनल केस घोषित किए है। वहीं गंभीर अपराध की श्रेणी में कुल 30 प्रतिशत से ज्यादा कैंडिडेटों ने अपने उपर गंभीर अपराध की घोषणा की थी।

2015 विधानसभा चुनाव मेें क्या थे एडीआर के रिर्पोट :

पहले फेज की अगर बात करें तोे उम्मीदवारों द्वारा घोषित अपराधिक मामले 30 प्रतिशत घोषित किए गए थे। वहीं 22 प्रतिशत उम्मीदवारों ने अपनेे उपर गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए थे।
दलवार अगर हम बात करें तो उम्मीदवारों द्वारा घोषित अपराधिक मामले कुछ इस तरह है — क्रांग्रेस 75 प्रतिशत, सीपीआई 52 प्रतिशत, बसपा 41 प्रतिशत, भाजपा 52 प्रतिशत, जेेडीयू 46 प्रतिशत, आरजेडी 47 प्रतिशत , एलजेेपी 62 प्रतिशत , सीपीआईएम 65 प्रतिशत और अन्य दल 23 प्रतिशत।

वहीं गंभीर आपराधिक मामलेे की बात करें तोे भाजपा 37 प्रतिशत , सीपीआई 28 प्रतिशत, बसपा 15 प्रतिशत, जदयू 38 प्रतिशत , आरजेडी 35 प्रतिशत औेर कांग्रेस 50 के प्रतिशत उम्मीदरों पर केस थे
यह आंकड़े बिहार की राजनीति की सच्चाई बताती है।

दागी निर्वाचन क्षेेत्र

2015 में पहले फेज के चुनाव मेें 37 दूसरे फेेज में 23 , तीसरे चरण में 41 और चौथे चरण मेंं 48 निर्वाचन क्षेत्र ऐसे थेे जहां राजनीतिक दलों के कम से कम तीन उम्मीदवार ने अपने उपर अपरा​धिक मामले घोषित किए। फिलहाल 2020 केे लिए एडीआर ने रिर्पोेट जारी नहीं किए है।

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Leave a Reply