कलाकारों की हक की लड़ाई के लिये जन विकास पार्टी: साहिल सन्नी - BiharDailyNow
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कलाकारों की हक की लड़ाई के लिये जन विकास पार्टी: साहिल सन्नी

पटना: जन विकास पार्टी की स्थापना इसी साल हुई है। जन विकास पार्टी विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले कलाकारों की पार्टी है। बिहार से बाहर काम कर रहे लोगों की उपेक्षा राज्य सरकार द्वारा होती रही है। कोरोना काल में प्रवासी मजदूरों की स्थिति बहुत ही ख़राब हो गई थी लेकिन राज्य सरकार ने कुछ नहीं किया। बिहार की राजनीति से नेपोटिजम को ख़त्म करना है। जरुरी नहीं कि नेता का बेटा ही नेता बने। सिर्फ राजनीति में ही नहीं अपितु फिल्म उद्योग में भी नेपोटिजम का बहिष्कार जन विकास पार्टी करती है। यह बातें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष साहिल सन्नी ने रविवार को आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में कही।

उन्होंने कहा कि जब बिहार और दूसरे प्रदेशों के लोग लॉक डाउन के दौरान मुंबई में फंसे थे उस समय बिहार के किसी नेता ने आगे बढ़कर मदद नहीं की। उस समय भी कलाकार ही खड़े थे, जिनके नाम सोनू सूद, विजय प्रकाश, साहिल सन्नी और पाखी हेगड़े है। बिहार का विकास करना, बिहार से पलायन को रोकना, बिहार में फिल्म उद्योग को बढ़ावा देना मुख्य उदेश्य है। पिछले ३० सालों से बिहार में रोजगार के नाम पर युवाओं को ठगा जा रहा है। शिक्षा और स्वास्थ्य के नाम पर ठेंगा दिखाया जा रहा है। बिहार में एक भी नए उद्योग नहीं लगाए गए और न ही बंद पड़े उद्योग को पुनः शुरू करने का प्रयास किया गया।

साहिल सन्नी ने कहा कि जनता जब नेता को जीताकर विधायक, मंत्री बनाती है, तो जनता ये समझती है कि नेता जी जिनकों हमलोगों ने वोट देकर जिताया है, मुसीबत में वह हमारे साथ खड़े रहेंगे, हमारा दर्द बाटेंगे लेकिन ठीक उसके उलटा होता है। जीतने के बाद नेता जी जनता को भूल जाते हैं। जब पांच साल बाद चुनाव आता है, तब जनता का हाल जानने उनके द्वार पर हाथ जोड़कर खड़ा हो जाते हैं। जनता भोली होती है फिर नई आशा के साथ नेता जी पर विश्वास करते है। जनता को जागरूक होना होगा। जात- पात से ऊपर उठ कर विकास के नाम पर वोट करना होगा।

पार्टी प्रदेश संयोजक वीरेंदर सिंह कुशवाहा ने कहा कि बिहार में कलाकारों के लिए कोई स्थान नहीं है। बिहार के कलाकारों को अन्य राज्यों में जाकर काम करना पड़ता है, जहां उन्हें बिहार के नाम पर परेशान किया जाता है। हाल ही में बिहार से निकलकर मुंबई में अपनी एक अलग पहचान बनाने वाला अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की हत्या हुई या आत्महत्या, इस जांच की पहेली अभी भी उलझी हुई है। दो महीने से पक्ष हो या विपक्ष दोनों इस मुद्दे पर पुरजोर राजनीती कर रहे हैं।

सुशांत सिंह राजपूत के मामले पर पाखी हेगड़े ने कहा कि सुशांत की हत्या या आत्महत्या ही क्यों न हो लेकिन जिस तरीके से जनता के जागरूक होने पर महाराष्ट्र सरकार, केंद्र सरकार और प्रदेश की सरकार तीनों ने मिलकर मौत का जो महाभोग किया है, उससे हम कलाकारों के मन में डर सा बैठ गया है। जब बड़े कलाकारों के साथ ऐसा होता है और जन आंदोलन के बाद ही जांच एजेंसी हरकत में आती है। ऐसे में छोटे कलाकार या आम जनता के साथ इस तरह की घटना हो जाये तो कोई संज्ञान लेने वाला भी नहीं होता।

इस दौरान पार्टी के राष्ट्रीय सचिव गणेश साहू, राष्ट्रीय अध्यक्ष साहिल सन्नी के अलावा प्रदेश संयोजक वीरेंदर सिंह कुशवाहा, प्रदेश अध्यक्ष शिव शंकर यादव, विशेष अतिथि अभिनेत्री पाखी हेगड़े मौजूद थी।

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