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चेतन शर्मा को National Selection Committee का चीफ सेलेक्टर चुना गया

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज चेतन शर्मा अब टीम इंडिया के खिलाड़ियों की किस्मत का फैसला करेंगे। जी हां, चेतन शर्मा को भारत की Senior National Selection Committee की चीफ सेलेक्टर चुना गया है। BCCI की Cricket Advisory Committee ने गुरुवार को चेतन शर्मा को यह बड़ी जिम्मेदारी दी है।

चेतन शर्मा भारत के लिए 23 टेस्ट और 65 वनडे खेल चुके हैं, जिसमें 1987 वर्ल्ड कप में हैट्रिक लेना बड़ी उपलब्धि है। चेतन शर्मा ने 18 साल की उम्र में टेस्ट डेब्यू किया। चेतन शर्मा ने दिसंबर 1983 में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने वनडे करियर का आगाज किया था. चेतन शर्मा ने टेस्ट में 61, जबकि वनडे इंटरनेशनल में 67 विकेट चटकाए। क्रिकेट के मैदान पर चेतन शर्मा और पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज जावेद मियांदाद के बीच टक्कर काफी चर्चित रही है। 1986 में ऑस्ट्रेलेशिया कप का फाइनल मुकाबला था। भारत और पाकिस्तान आमने-सामने थे. मैच जीतने के लिए पाकिस्तान को आखिरी गेंद पर चार रनों की जरूरत थी। गेंद चेतन शर्मा के हाथों में थी और सामने क्रीज पर मियांदाद थे।

चेतन शर्मा ने यॉर्कर लेंथ गेंद डालने की कोशिश की पर यह फुलटॉस चली गई और मियांदाद मौका नहीं चूके. उन्होंने गेंद को 6 रनों के लिए बाउंड्री पार पहुंचा दिया। इसके साथ ही पाकिस्तान ने किसी बड़े टूर्नामेंट के फाइनल में पहली बार भारत को हरा दिया. इस छक्के ने जावेद मियांदाद को तो हीरो बना दिया पर तेज गेंदबाज चेतन शर्मा को काफी जख्म दिए। जावेद मियांदाद ने अपनी किताब में लिखा था, ‘मैंने पहले से ही तय कर लिया था कि यह गेंद बाउंड्री पार जाएगी। मैं शतक बना कर खेल रहा था इसलिए गेंद को समझने में तनिक भी दिक्कत नहीं हो रही थी।’

किताब में उन्होंने कहा, ‘अब भारतीय कहते हैं कि चेतन शर्मा यॉर्कर डालने की कोशिश कर रहे थे पर मुझे तो लगता है कि वो गेंद उनके हाथों से फिसल गई थी। मुझे फुलटॉस मिला वो भी कमर के पास और लेग साइड में, मैंने बल्ला चला दिया। फिर क्या था, हम जीत गए। पाकिस्तान जीत गया।’

इसके अलावा सीएसी ने 5 सदस्यीय टीम में अबे कुरुविला और देबाशीष मोहंती का भी चयन किया। ओडिशा के देबाशीष मोहंती (44 साल) ने 1997 से 2001 तक दो टेस्ट और 45 वनडे मैचों में टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व किया और 1999 विश्व कप में भी भाग लिया। तेज गेंदबाज रहे मोहंती के नाम टेस्ट में 4 और वनडे में 57 विकेट हैं। देबाशीष मोहंती जनवरी 2001 में दिलीप ट्रॉफी के एक मुकाबले की पारी में सभी 10 विकेट ले चुके हैं। देबाशीष मोहंती ने ईस्ट जोन के खिलाफ ये कारनामा किया। मुंबई के तेज गेंदबाज कुरुविला (52 साल) ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा। 1997 में उन्होंने 10 टेस्ट और 25 वनडे मैच खेले। उन्होंने दोनों अंतरराष्ट्रीय फॉर्मेट में 25-25 विकेट निकाले।

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