कॉरपोरेट घरानों से मिले चंदों में 92 फीसदी सिर्फ दो दलों में, आठ परसेंट में बाकी पार्टियों का हिस्सा - BiharDailyNow
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कॉरपोरेट घरानों से मिले चंदों में 92 फीसदी सिर्फ दो दलों में, आठ परसेंट में बाकी पार्टियों का हिस्सा

पटना। देश के राजनीतिक दलों को मिलनेवाले कॉरपोरेट चंदे पर सिर्फ दो दलों का कब्जा है। उद्योगपतियों की पसंदीदा पार्टी कही जानेवाली भाजपा इनमें सबसे आगे है, वहीं कांग्रेस इसके बाद है। उद्योगपतियों से मिलनेवाले चंदे में सिर्फ इन दो पार्टियों के पास 92 फीसदी कब्जा है। जबकि देश की बाकी पार्टियों को बचे हुए आठ परसेंट में अपनी हिस्सेदारी निकालनी पड़ती है।

यह जानकारी एडीआर (एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स) की तरफ से जारी की गई है। जिसकी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वित्तीय वर्ष 2018-19 में कॉरपोरेट और व्यापारिक घरानों ने देश के तमाम राजनीतिक दलों को कम से कम 876 करोड़ रुपये का चंदा दिया है. रिपोर्ट के अनुसार चंदा हासिल करने में सबसे आगे बीजेपी रही, जिसे कुल रकम में से 698 करोड़ मिले हैं। वहीं इसके बाद कांग्रेस का नाम है, जिसे कुल 122.5 करोड़ प्राप्त हुए हैं। दोनों की राशि मिलाने प यह कुल रकम का 92 फीसदी हो जाता है।

इस साल भाजपा को नुकसान, फायदे में कांग्रेस
2018-19 में भी भाजपा को सबसे ज्यादा भाजपा को 1731 कॉर्पोरेट दाताओं में से अधिकतम 915.596 करोड़ रुपये का दान मिला, जो उसके कुल दान का 94 प्रतिशत था। इसकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस को 151 कॉर्पोरेट घरानों से दान के रूप में 55.36 करोड़ रुपये मिले। जाहिर है कि कुछ राज्यों में कांग्रेस की सरकार होने का फायदा इस साल मिला है। वहीं भाजपा को इस साल कम चंदा हासिल हुआ है, लेकिन सत्ता में होने के कारण वह उद्योगपतियो की पहली पसंद बना हुआ है।

इन पैसों का कोई हिसाब नहीं कहां से आया

एडीआर रिपोर्ट में कहा गया है कि कुल 319 दान जिसके माध्यम से राष्ट्रीय दलों को 31.42 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, का योगदान फॉर्म में विवरण ही नहीं है. इसके अलावा राष्ट्रीय दलों को मिले 34 दान में उन्होंने 13.57 करोड़ रुपये प्राप्त किए हैं, लेकिन उनके योगदान फॉर्म में पैन विवरण नहीं हैं। जबकि जिन दानदाताओं ने एक या एक से अधिक दान के रूप में न्यूनतम 20,000 रुपये दान किए हैं, उन्हें अपना पैन विवरण प्रदान करना चाहिए।

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