IMF: बंग्लादेश, भूटान, श्रीलंका और मालदीव के per capita income भारतीयों से अधिक - BiharDailyNow
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IMF: बंग्लादेश, भूटान, श्रीलंका और मालदीव के per capita income भारतीयों से अधिक

अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी की IMF के ताजा रिर्पोट के अनुसार इस वित्त वर्ष के दौरान भारत की प्रति व्यक्ति जीडीपी में 10.3 फीसदी की गिरावट आएगी। मंगलवार को जारी आईएमएफ की रिपोर्ट World Economic Outlook के मुताबिक 31 मार्च, 2021 को खत्म हो रहे इस वित्त वर्ष के दौरान भारत की प्रति व्यक्ति जीडीपी 10.3 फीसदी की गिरावट के साथ 1877 डॉलर रह जाएगी। इसके अलावा आईएमएफ ने अनुमान लागाया है कि 2021 में भारत की प्रति व्यक्ति जीडीपी 8.2 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ेगी और प्रति व्यक्ति जीडीपी 2030 डॉलर होगी। लेकिन फिलहाल अगर आईएमएफ की यह अनुमान सही होती है तो भारत का बीते 4 सालों में प्रति व्यक्ति आय के मामले में सबसे खराब प्रदर्शन रहेगा।

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आईएमएफ के रिर्पोट के मुताबिक प्रति व्यक्ति जीडीपी के मामले में इस वित्त वर्ष भारत बांग्लादेश से नीचे चला जाएगा। आईएमएफ की रिपोर्ट के मुताबिक पड़ोसी बांग्लादेश की प्रति व्यक्ति जीडीपी 2020 में 4 फीसदी बढ़कर 1,888 डॉलर पहुंचने का अनुमान है। 5 साल पहले तक भारत की प्रति व्यक्ति जीडीपी बांग्लादेश के मुकाबले 40 प्रतिशत ज्यादा थी। इसके अलावा बंग्लादेश, भूटान, श्रीलंका और मालदीव जैसे देश भारत से आगे होंगे।

ग्लोबल अर्थव्यवस्था में 4.4 फीसदी गिरावट

आईएमएफ की रिपोर्ट में बताया गया है कि चालू वित्‍त वर्ष के दौरान ग्लोबल अर्थव्यवस्था में 4.4 फीसदी की गिरावट आ सकती है। साल 2021 में इसमें 5.2 फीसदी की जोरदार वृद्धि दर्ज हो सकती है। आईएमएफ की रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2020 के दौरान दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में केवल चीन ही एकमात्र देश होगा जिसकी जीडीपी में 1.9 फीसदी की वृद्धि दर्ज की जाएगी।

प्रति व्यक्ति आय क्या है?

प्रति व्यक्ति आय एक राष्ट्र या भौगोलिक क्षेत्र में प्रति व्यक्ति अर्जित किए गए धन की मात्रा का एक डाटा है। किसी राष्ट्र के लिए प्रति व्यक्ति आय की गणना देश की राष्ट्रीय आय को उसकी जनसंख्या से विभाजित करके की जाती है।

क्यों किया जाता प्रति व्यक्ति जीडीपी का आकलन

जीडीपी प्रति व्यक्ति आर्थिक प्रदर्शन का एक महत्वपूर्ण संकेतक है और क्रॉस-कंट्री को औसत जीवन स्तर और आर्थिक भलाई की तुलना करने के लिए एक उपयोगी टूल है। प्रति व्यक्ति जीडीपी विशेष रूप से उपयोगी है जब एक देश की दूसरे से तुलना की जाती है, क्योंकि यह देशों के सापेक्ष प्रदर्शन को दर्शाता है। प्रति व्यक्ति आय का उपयोग किसी क्षेत्र के लिए औसत प्रति व्यक्ति आय निर्धारित करने और आबादी के जीवन स्तर और गुणवत्ता के मूल्यांकन के लिए किया जा सकता है । प्रति व्यक्ति जीडीपी में वृद्धि अर्थव्यवस्था में वृद्धि का संकेत देती है और उत्पादकता में वृद्धि को दर्शाती है।

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