'धरती के भगवान' की लापरवाही, एक आंख से अंधा हुआ युवक - BiharDailyNow
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‘धरती के भगवान’ की लापरवाही, एक आंख से अंधा हुआ युवक

जितेन्द्र उपाध्याय

कई गह इलाज के बाद भी नही बची युवक की आंख

युवक के परिजनों ने डॉक्टर व उसके सहयोगी पर छतौनी थाने में दर्ज करवायी प्राथमिकी

मोतिहारी। कहते हैं कि धरती का भगवान डॉक्टर होता है व इसे लोग मानते भी है।लेकिन जब भगवान ही शैतान हो जाए तो क्या कहेंगे आप,जी हां कुछ ऐसा ही मामला मोतिहारी में घटित हुआ है जिससे मानवता शर्मसार हो जाय।
ताज़ा मामला मोतिहारी के छतौनी थाना क्षेत्र के मठिया जिरात का है जहां के एक गरीब परिवार पर आफत की आंधी आ गयी है। मिली जानकारी के मुताबिक मठिया जिरात का एक परिवार अपना पेट पालने के लिए वैल्डिंग का काम करता था, इसी क्रम में कृष्णा साह के पुत्र चंदन के आंख में एक कण चला गया जिससे उसे आंख में जलन पर दर्द होने लगा। आननफानन में परिजनों ने उसे जिले के सबसे बड़े आंख अस्पताल चाँदीवाला आंख अस्पताल में लेकर गए व वहां उसका इलाज करवाया।फिर डॉक्टर विनीता लक्ष्मी की सलाह पर लिखे दवा व ड्राप लेकर घर चले आये व जब पांच दिनों तक उसे कोई राहत नही हुई व आंखों से दिखना कम हो गया तो सभी चंदन को लेकर उसी चाँदीवाला आंख अस्पताल में लेकर गए व डॉ विनीता लक्ष्मी से मिले। महिला डॉक्टर ने उसे आपरेशन थिएटर में ले जाकर उसके आंखों में कुछ नुकीला चीज गड़ा दिया व कहा कि जाओ दवा करवाओ ठीक हो जाएगा। लेकिन इसके बाद उसकी हालत बद से बदतर होने लगी व धीरे धीरे उसकी आँखों की रोशनी खत्म होने लगी जिससे परिजन परेशान हो गए।

दोबारा जाने पर अस्पताल से भगाया
6 तारीख को अस्पताल में गए जहां के डॉक्टरों व स्टाफ ने इन लोगों को वहां से भगा दिया। फिर परिजन चंदन को लेकर दूसरे डॉक्टर के पास गए जहां डॉक्टर मेजर एबी सिंह ने इन लोगों को ये कहकर भगा दिया कि जब आंख में कुछ बचा ही नही है व आंख बह गया है तो मेरे पास क्यो लेकर आये। इतना सुनते ही परिजनों के होश उड़ गए व फिर तीसरे डॉक्टर के पास गए जहां के डॉक्टरों ने भी आंख बह जाने की बात कही व जल्द से जल्द आंख निकलवाने की सलाह दिया ।गरीब लाचार व बेसहारा कृष्णा साह ये सुन वही बेहोश हो गया कि अब उसके पुत्र चंदन का क्या होगा ?

दूसरे शहरों से भी मिली निराशा
इसके बाद कृष्णा साह सूद पर पैसे की जुगाड़ कर मोतिहारी से मुजफ्फरपुर व, पटना के प्रमुख डॉक्टरों से अपने पुत्र को दिखलाया लेकिन किसी ने भी इसे ठीक होने की बात नही कही। फिर भी कृष्णा ने हिम्मत नही हारी व अपने अंधे हो चुके पुत्र को कोलकाता ले गया जहां चेन्नई के डॉक्टरों ने भी आंख खत्म होने की बात कही व जल्द से जल्द आंख निकलवाने का सलाह दिया,क्योकि एक आंख के कारण दूसरा आंख भी प्रभावित हो रहा था व इंस्पेक्शन का खतरा बढ़ गया था। वही कोलकाता के डॉक्टरों ने ऑपरेशन में एक से डेढ़ लाख तक का खर्च बताया। गरीब आदमी इतना पैसा कहां से लाता तो थक हार कर वे लोग मोतिहारी आ गए ।तब जाकर कृष्णा ने डॉक्टर व उसके स्टाफ के खिलाफ छतौनी थाने में मामला दर्ज करवाया व न्याय की गुहार लगाई। इस संबंध में पूछे जाने पर छतौनी थाना के इंस्पेक्टर ने बताया कि मामले की तहकीकात की जा रही है।

 

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