'मांझी' को 'चिराग' से किस बात का है डर, जानिए यहां - BiharDailyNow
   Breaking News

‘मांझी’ को ‘चिराग’ से किस बात का है डर, जानिए यहां

पटना। बिहार चुनाव में एनडीए के साथ चुनाव लड़ रहे जीतन राम मांझी और उनकी पार्टी के नेता लगातार सिर्फ एक नेता पर निशाना साध रहे हैं, वह है लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान। जीतन राम मांझी की पार्टी बिहार चुनाव की घोषणा होने के साथ ही चिराग पर हमलावर है। फिर चाहे सीटों के बंटवारे का मामला हो या एनडीए से अलग होने का मामला। ताजा मामला चिराग के पिता और लोजपा के संस्थापक रामविलास पासवान की मौत को लेकर पीएम को लिखा गया पत्र है। जिसमें रामविलास के निधन को लेकर न्यायिक जांच की मांग की गई है। अब सवाल यह है कि मांझी को चिराग से आखिर किस बात की परेशानी है, कौन सी बात है जिसके कारण वह चिराग से डरे हुए हैं।

 

बिहार में दलितों और पिछड़ों की पार्टी के रूप में लोजपा की पहचान रही है। रामविलास पासवान पांच दशक तक पिछड़ों की राजनीति करते रहे हैं। जिसके कारण बिहार के इस तबके पर अच्छी पकड़ है। इसी बीच पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने जदयू से अलग होकर हिन्दुस्तान आवाम मोर्चा का गठन कर लिया। मांझी की पार्टी का रास्त भी लगभग वही था जिस रास्ते पर लोजपा चल रही थी। दलितों और पिछड़े वर्ग की राजनीति। लेकिन मांझी इसमें पूरी तरह से कामयाब नहीं हो पा रहे थे। महागठबंधन में शामिल होने पर तेजस्वी ने उन्हें कोई महत्व नहीं दिया तो वह जदयू का साथ पाकर एनडीए का हिस्सा बन गए। यही वह समय था, जब मांझी को लगने लगा कि बिहार में पिछड़ों की पार्टी के रूप में वह पहचान बना सकते हैं।

चिराग को बना रहे निशाना
सीटों के बंटवारे के मुद्दे पर एनडीए से अलग होने के बाद मांझी को वह मौका दे दिया, जिसमें वह खुलकर चिराग के खिलाफ बोल सकते थे। सपोर्ट के तौर पर जदयू का साथ हासिल था। जहां एनडीए के सभी नेता तेजस्वी यादव और महागठबंधन पर बोलते नजर आए। वहीं मांझी के निशाने पर हमेशा से ही चिराग रहे। मांझी को उम्मीद है कि चिराग के खिलाफ लगातार बयानबाजी उन्हें दलित और पिछड़ों की पार्टी के रूप में स्थापित कराने में सहायक साबित हो सकती है।

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Leave a Reply